शियन गेम्स में गुरुवार का दिन भारत
के लिए शानदार रहा. जकार्ता में खेले जा रहे 18वें एशियाई खेलों में भारत
की झोली में दो गोल्ड आए. 1500 मीटर दौड़ में जिनसन जॉनसन ने गोल्ड जीता,
वहीं, महिलाओं की चार गुणा 400 मीटर में भारतीय लड़कियों ने स्वर्णिम दौड़
लगाई.
1978 के बाद भारतीय दल का एशियाई खेलों में ये अब तक सबसे
शानदार प्रदर्शन है. भारत ने कुल मिलाकर जकार्ता एशियाई खेलों में 13
स्वर्ण पदक जीते, इसके अलावा 21 सिल्वर और 25 ब्रॉन्ज मेडल भारत की झोली
में आए.
एशियन गेम्स में 12वें दिन पुरुषों की 1500 मीटर दौड़ में भारत के जिनसन जॉनसन ने गोल्ड मेडल जीत लिया.
जिनसन ने 3 मिनट 44.72 सेकेंड का समय निकाल कर स्वर्ण पदक हासिल किया.
27 साल के जिनसन पहली बार एशियन गेम्स में उतरे थे और पहली बार में ही शानदार प्रदर्शन करते हुए उन्होंने देश को गोल्ड दिलाया.
भारतीय सेना में कार्यरत जिनसन केरल के रहने वाले हैं.
जिनसन के बाद भारत ने महिलाओं की चार गुणा 400 मीटर रिले स्पर्धा का स्वर्ण पदक भी अपने नाम कर लिया है.
हिमा
दास, पूवम्मा राजू, सरिताबेन गायकवाड़ और विसमाया वेलुवाकोरोथ की टीम ने
तीन मिनट 28.72 सेकेंड का समय निकाल कर भारत को दिन का दूसरा पदक दिलाया.
स्पर्धा
में रजत पदक बहरीन और कांस्य पदक वियतनाम को मिला. बहरीन की टीम ने तीन
मिनट 30.62 सेकेंड का समय निकाला और वियतनाम ने तीन मिनट 33.23 सेकेंड का
समय निकाल कर कांस्य पदक अपने नाम किया. भारत की सीमा पुनिया ने चक्का फेंक में कांस्य पदक
हासिल किया. इसके अलावा महिलाओं की 1500 मीटर दौड़ में चित्रा उन्नीकृष्णन
ने कांस्य पदक पर कब्जा किया.
पुरुषों की 4 गुणा 400 मीटर रिले रेस में मोहम्मद कुन्हु, धारुन अय्यासामी, मोहम्मद अनस और अरोकिया राजीव ने रजत पदक जीता. एथलेटिक्स में अब तक का प्रदर्शन
पिछले सालों के मुकाबले एशियन गेम्स 2018 में भारत के एथलेटिक्स खिलाड़ियों का प्रदर्शन अच्छा रहा है.
एथलेटिक्स में इस साल भारत की झोली में 7 गोल्ड, 10 रजत और 2 कांस्य पदक आए हैं.
सैम करन का बल्ला न चला होता तो
इंग्लैंड की साउथैम्पटन में भारत के ख़िलाफ़ हालत बेहद खस्ता होती. करन ने
78 रनों की पारी खेली और आउट होने वाले आख़िरी अंग्रेज़ बल्लेबाज़ रहे.
इंग्लैंड ने पहली पारी में 76.4 ओवर बल्लेबाज़ी की और 246 रन बनाए.
जवाब
में भारत ने पहले दिन का खेल खत्म होने तक बिना विकेट गंवाए 19 रन बना लिए
हैं. शिखर धवन तीन रन और केएल राहुल 11 रन बनाकर क्रीज पर हैं.
भारत
और इंग्लैंड के बीच पांच टेस्ट मैचों की सिरीज़ का चौथा मुक़ाबला
साउथैम्पटन में खेला जा रहा है. भारत सिरीज़ में इंग्लैंड से 1-2 से पीछे
है.
भारत और इंग्लैंड के बीच चल रही टेस्ट सिरीज़ के चौथे मैच के पहले दिन भारत ने अच्छी शुरुआत की है.
पिछले मैच में शानदार प्रदर्शन करने वाले जसप्रीत बुमराह ने सर्वाधिक
तीन विकेट लिए. ईशांत शर्मा, मोहम्मद शमी और रविचंद्रन अश्विन ने दो-दो और
हार्दिक पंड्या ने एक विकेट झटका.
इंग्लैंड ने टॉस जीतकर पहले
बल्लेबाज़ी चुनी लेकिन उन्हें शुरुआती झटके लगते रहे. इंग्लैंड के चार
विकेट 36 रन के योग पर ही गिर गए थे. मैच के तीसरे ही ओवर में जसप्रीत
बुमराह ने कीटन जेनिंग्स को एलबीडब्ल्यू आउट कर दिया. जेनिंग्स अपना खाता
भी नहीं खोल पाए थे.
इसके बाद अनुभवी ईशांत ने इंग्लैंड के कप्तान
जो रूट को एलबीडबल्यू आउट कर मेजबानों को तगड़ा झटका दिया. बुमराह ने
बेरस्टो को विकेट के पीछे ऋषभ पंत के हाथों कैच आउट करवा इंग्लैंड को तीसरा
झटका दिया. इसके बाद हार्दिक पांड्या ने एलिस्टर कुक को विराट कोहली के
हाथों कैच आउट करवा इंग्लैंड का चौथा विकेट झटका.
उसके बाद बेन स्टोक्स और विकेटकीपर बल्लेबाज़ जोस बटलर ने पारी को
संभालने की कोशिश की, लेकिन 69 के योग पर बटलर (21) भी चलते बने. स्टोक्स
भी अपने स्कोर को 23 रन से अधिक नहीं खींच सके.
इंग्लैंड पहली पारी में जिस स्थिति में दिख रहा है उसका श्रेय सैम करन
को जाता है. करन ने पहले मोइन अली के साथ 81 रनों की और फिर ब्रॉड के साथ
भी 50 से ज्यादा रनों की पार्टनरशिप की. मोइन अली ने 40 रन बनाए.
करन
ने भारतीय गेंदबाज़ों का डटकर सामना किया और 136 गेंदों की पारी में 78 रन
बनाए, जिसमें आठ चौके और एक छक्का शामिल है. भारत की ओर से बुमराह को सबसे
ज्यादा 3 विकेट हासिल हुए.
इंडोनेशिया में दुर्घटनाग्रस्त हुए विमान के मलबे में 12 साल का एक लड़का जीवित मिला है, इस हादसे में आठ लोगों की मौत हो गई है.
विमान का मलबा पापुआ न्यूगिनी की सीमा के नज़दीक पहाड़ों पर मिला.
घटनास्थल की तस्वीरों में नज़र आ रहा है कि ये लड़का होश में था और कैमरे में झांक रहा था.
स्विटज़रलैंड
में बने इस पिलाटस विमान का शनिवार दोपहर को एयर ट्रैफिक कंट्रोल से
संपर्क टूट गया था. रविवार की सुबह विमान का मलबा मिला.
निजी चार्टर कंपनी के इस विमान में चालक दल के दो सदस्यों समेत नौ लोग सवार थे.निवार का दिन था और बारिश के बावजूद शंघाई के पीपुल्स पार्क में जबरदस्त भीड़ थी.
पार्क के रास्तों के किनारे खड़े और बैठे लोग या तो इंतज़ार कर रहे थे या एक दूसरे से बात कर रहे थे.
कुछ छाते सिर के ऊपर थे तो कुछ ज़मीन पर सीधे रखे थे.
छातों,
दीवारों, ज़मीन, पेड़ों पर रखे और पन्नियों से लिपटे ए-4 साइज़ कागज़ों पर
मैंडेरिन भाषा में लड़के और लड़कियों के बायोडेटा रखे थे.
बायोडेटा मतलब लड़के या लड़की उम्र, सालाना तन्ख्वाह, पढ़ाई-लिखाई का ब्योरा, जन्मदिन और ज़ोडिएक.ल 2005 से शंघाई में ये शादी का बाज़ार हर सप्ताहांत सज रहा है. तब
लोगों ने यहां व्यायाम और टहलने आते थे और फिर उन्होंने बच्चों की शादी के
लिए मिलना-जुलना शुरू किया.
चीन में महंगाई बढ़ रही है और लड़के और
लड़कियों की अपने पार्टनर्स को लेकर उम्मीदें भी. इसलिए या तो वो देर से
शादी कर रहे हैं, या शादी ही नहीं कर रहे हैं, या फिर शादी को लेकर उनकी
धारणाएं बदल रही हैं.
चाइनीज़ एकैडमी ऑफ़ सोशल साइंसेज़ के हवाले से
लेक लिखती हैं कि साल 2020 तक चीन में कुंवारी लड़कियों के मुकाबले 3 करोड़
ज़्यादा कुंवारे लड़के होंगे.
चीन जैसे तेज़ी से विकसित होते देश में ऐसा होना लाज़मी है क्योंकि
अमरीका, जापान, भारत हर जगह ऐसा ही हो रहा है लेकिन भारत की तरह चीन में भी बच्चे शादी न करें या देरी से करें तो कई मां-बाप, रिश्तेदार परेशान हो
उठते हैं.
मोबाइल पर मिंग की फ़ोटो दिखाते हुए उन्होंने कहा, "मेरा भांजा महीने का युआन ( , भारतीय रुपए) कमाता है लेकिन लड़कयों के परिवारों की
मांग है वो कम से कम 0 युआन महीना (एक लाख रुपए) कमाए. वो बहुत बुरी
हालत में हैं क्योंकि वो अपने लिए लड़की नहीं ढूंढ़ पा रहा है."
चीन में लड़के को शादी से पहले सिर के ऊपर छत का इंतज़ाम करना पड़ता है लेकिन घरों के दाम करोड़ों में है.
पार्क में लड़कियों के झुंड में से एक ने हंसते हुए बताया, "चीन की
संस्कृति के मुताबिक शादी से पहले लड़कों को ही घर का इंतज़ाम करना पड़ेगा.
हम लड़कियां फर्नीचर खरीद लेती हैं."
ग्रेस ने कहा, "अगर मैं भारी
कर्ज़ लेकर उसके लिए मकान ले भी लेती हूँ तो उसे चुकाने में उसे दशकों लग
जाएंगे. हमारे समय में सरकार हमें मुफ़्त में घर दे देती थी. हमें सिर्फ़
अपना साथी ढूंढ़ना होता था जो हमें प्यार करे."
लेकिन ग्रेस को सही मौके और समय का इंतज़ार है.
चीन
में पढ़ी-लिखी होने के बावजूद अगर लड़की की शादी न हो रही हो तो उसे
लेफ़्टओवर या 'बचा हुआ' तक कहा जाता है और उसे अच्छी निगाह से नहीं देखा
जाता.
ग्रेस ने मुझे बताया, "यहां जिन लड़कियों के मां-बाप आए हैं, उनकी उम्र
35 के आसपास है. उनके पास अच्छी शिक्षा और नौकरियां हैं. मिस्टर राइट चुनने का उनका स्टैंडर्ड ऊंचा है. जब इन लड़कियों की उम्र 40 के तक पहुंच जाएगी
तो उन्हें अपना स्टैंडर्ड मांग नीचे लाना पड़ेगा."
चीन में पुरुषों की शादी की उम्र 22 और महिलाओं के लिए 20 साल है.